विबग्योर रूट्स और राइज़ - इंदौर में एक मनोरंजक और संवादात्मक शाम




इंदौर: आज के बदलते हुए दौर में, बच्चे ज़्यादातर समय अपने घरों में जमा होकर प्ले स्टेशन, कंप्यूटर गेम्स, टैबलेट्स वगैरह में ही बिता देते हैं। नए अध्ययन बताते हैं कि प्री-स्कूल जाने वाले जो बच्चे स्क्रीन के सामने ज़्यादा समय बिताते हैं, उनके मस्तिष्क के वाइट मैटर (श्वेत द्रव्य) क्षेत्र में संरचनात्मक पूर्णता का स्तर निम्न रह जाता है। अब समय की माँग है कि एक ऐसा माहौल बनाया जाए जो उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा समय घर से बाहर, बगीचों-मैदानों में खेलते हुए बिताने, अपनी उम्र के बच्चों से बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करे। इससे उनका अंतरवैयक्तिक कौशल विकसित होगा।

विबग्योर रूट्स और राइज़ की ओर से “किड्स कार्निवल” की शुरुआत की गई है, ताकि बच्चों को एक साथ एक मंच पर लाया जाए और उनके प्राकृतिक विकास को प्रोत्साहित किया जाए। यहाँ इंदौर केंद्र में इस पहल पर बच्चों और अभिभावकों का ज़बरदस्त प्रतिसाद मिला। इस अवसर पर बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया और साथ ही, निरंजनपुर-इंदौर के रॉयल अमर ग्रीन्स में रहने वाले अभिभावकों के लिए काउंसलिंग सेशन, हेल्थ चेकअप कैंप रखे गए।

 इस कार्निवल में रॉयल अमर ग्रीन्स सोसायटी के 200 से ज़्यादा सदस्यों ने अपने बच्चों के साथ सहभाग किया। बच्चों ने थीम 2030 पर आधारित नृत्य और चित्रकला की प्रतियोगिताओं में ख़ूब आनंद उठाया और मौलिक परिकल्पनाओं और सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया। ट्रैमपोलाइन, बॉल पूल स्वीमिंग, माँ और बच्चों की प्रतिभा के प्रदर्शन वाला शो एक विशेष गेम ज़ोन में आयोजित किए गए और लोगों ने इसमें खूब मनोरंजन किया। इसके बाद मज़ेदार खान-पान की व्यवस्था भी की गई थी।   
 अभिभावकों को काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिला जिसमें उन्होंने ‘पोषण का महत्व और व्यवहार संबंधी तरीकों पर उनका प्रभाव’ और ‘बिहेवियरल काउंसलिंग के तहत मस्तिष्क को शक्तिशाली बनाने वाली गतिविधियाँ’ के बारे में समझा। अभिभावकों और बच्चों को “हेल्थ चेकअप” की मदद से अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानने का अवसर मिला। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए पुरस्कार, तोहफ़े और प्रमाणपत्र (विजेताओं और सहभागियों दोनों को) बाँटे गए। 

विबग्योर रूट्स और राइज़ – इंदौर के प्रिंसिपल डॉक्टर अभिषेक शर्मा ने कहा, “इस कार्यक्रम के पीछे हमारा मुख्य उद्देश्य था बच्चों और अभिभावकों को मनोरंजन और मौज-मस्ती के वातावरण में कुछ नया सीखने के अवसर प्रदान करना। आज के इस दौर में जब लगभग सभी बच्चे ऑनलाइन गेम्स खेलना पसंद करते हैं, इस कार्यक्रम ने उन्हें वास्तविक मनोरंजन का एक अवसर दिया जो इन दिनों उनकी ज़िंदगी से गायब है। इस कार्यक्रम में दृढ़ता, आत्माभिव्यक्ति और सृजनात्मकता, ग्रॉस मोटर कौशल (वस्तुओं का इस्तेमाल करने का ज्ञान) और संज्ञानात्मक कौशल (सोचने, सीखने, पढ़ने-लिखने, ध्यान व एकाग्रता बढ़ाने, याद करने और तर्क देने का कौशल आदि) के विकास के लिए इन्हीं परिकल्पनाओं के आधार पर खेल तैयार करने का विशेष ध्यान रखा गया। हम आने वाले दिनों में भी इसी तरह से मनोरंजन भरी गतिविधियों की मदद से पढ़ाने और सिखाने की प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम करते रहेंगे और इस तरह का वातावरण तैयार करने की कोशिश करेंगे।

                                         विबग्योर रूट्स और राइज़ - इंदौर में एक मनोरंजक और संवादात्मक शाम



इंदौर: आज के बदलते हुए दौर में, बच्चे ज़्यादातर समय अपने घरों में जमा होकर प्ले स्टेशन, कंप्यूटर गेम्स, टैबलेट्स वगैरह में ही बिता देते हैं। नए अध्ययन बताते हैं कि प्री-स्कूल जाने वाले जो बच्चे स्क्रीन के सामने ज़्यादा समय बिताते हैं, उनके मस्तिष्क के वाइट मैटर (श्वेत द्रव्य) क्षेत्र में संरचनात्मक पूर्णता का स्तर निम्न रह जाता है। अब समय की माँग है कि एक ऐसा माहौल बनाया जाए जो उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा समय घर से बाहर, बगीचों-मैदानों में खेलते हुए बिताने, अपनी उम्र के बच्चों से बातचीत करने के लिए प्रोत्साहित करे। इससे उनका अंतरवैयक्तिक कौशल विकसित होगा।

विबग्योर रूट्स और राइज़ की ओर से “किड्स कार्निवल” की शुरुआत की गई है, ताकि बच्चों को एक साथ एक मंच पर लाया जाए और उनके प्राकृतिक विकास को प्रोत्साहित किया जाए। यहाँ इंदौर केंद्र में इस पहल पर बच्चों और अभिभावकों का ज़बरदस्त प्रतिसाद मिला। इस अवसर पर बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया और साथ ही, निरंजनपुर-इंदौर के रॉयल अमर ग्रीन्स में रहने वाले अभिभावकों के लिए काउंसलिंग सेशन, हेल्थ चेकअप कैंप रखे गए।

 इस कार्निवल में रॉयल अमर ग्रीन्स सोसायटी के 200 से ज़्यादा सदस्यों ने अपने बच्चों के साथ सहभाग किया। बच्चों ने थीम 2030 पर आधारित नृत्य और चित्रकला की प्रतियोगिताओं में ख़ूब आनंद उठाया और मौलिक परिकल्पनाओं और सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया। ट्रैमपोलाइन, बॉल पूल स्वीमिंग, माँ और बच्चों की प्रतिभा के प्रदर्शन वाला शो एक विशेष गेम ज़ोन में आयोजित किए गए और लोगों ने इसमें खूब मनोरंजन किया। इसके बाद मज़ेदार खान-पान की व्यवस्था भी की गई थी।   
 अभिभावकों को काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिला जिसमें उन्होंने ‘पोषण का महत्व और व्यवहार संबंधी तरीकों पर उनका प्रभाव’ और ‘बिहेवियरल काउंसलिंग के तहत मस्तिष्क को शक्तिशाली बनाने वाली गतिविधियाँ’ के बारे में समझा। अभिभावकों और बच्चों को “हेल्थ चेकअप” की मदद से अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानने का अवसर मिला। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए पुरस्कार, तोहफ़े और प्रमाणपत्र (विजेताओं और सहभागियों दोनों को) बाँटे गए। 

विबग्योर रूट्स और राइज़ – इंदौर के प्रिंसिपल डॉक्टर अभिषेक शर्मा ने कहा, “इस कार्यक्रम के पीछे हमारा मुख्य उद्देश्य था बच्चों और अभिभावकों को मनोरंजन और मौज-मस्ती के वातावरण में कुछ नया सीखने के अवसर प्रदान करना। आज के इस दौर में जब लगभग सभी बच्चे ऑनलाइन गेम्स खेलना पसंद करते हैं, इस कार्यक्रम ने उन्हें वास्तविक मनोरंजन का एक अवसर दिया जो इन दिनों उनकी ज़िंदगी से गायब है। इस कार्यक्रम में दृढ़ता, आत्माभिव्यक्ति और सृजनात्मकता, ग्रॉस मोटर कौशल (वस्तुओं का इस्तेमाल करने का ज्ञान) और संज्ञानात्मक कौशल (सोचने, सीखने, पढ़ने-लिखने, ध्यान व एकाग्रता बढ़ाने, याद करने और तर्क देने का कौशल आदि) के विकास के लिए इन्हीं परिकल्पनाओं के आधार पर खेल तैयार करने का विशेष ध्यान रखा गया। हम आने वाले दिनों में भी इसी तरह से मनोरंजन भरी गतिविधियों की मदद से पढ़ाने और सिखाने की प्रक्रिया को प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम करते रहेंगे और इस तरह का वातावरण तैयार करने की कोशिश करेंगे।

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